मुजफ्फरपुर, नवम्बर 10 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू अपने ही पीजी विभागों और कॉलेजों के कर्ज में डूबा है। पीजी विभागों को दो वर्ष से खर्च के लिए पैसे नहीं दिये गये हैं। पीजी विभागों के अध्यक्षों का कहना है कि विवि से राशि नहीं आने के कारण विभाग चलाने में परेशानी हो रही है। कॉलेजों को भी छह वर्ष से नामांकन की राशि नहीं मिली है। बीआरएबीयू के रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा का कहना है कि इस बारे में जानकारी ली जाएगी। वर्ष 2019 में स्नातक में ऑनलाइन दाखिला शुरू होने के बाद यह तय किया गया था कि नामांकन के आवेदन में आधा हिस्सा कॉलेजों को भेजा जाएगा। स्नातक में आवेदन करने के लिए छात्र को 600 रुपये देने पड़ते हैं। इनमें से 300 रुपये कॉलेज और 300 रुपये विवि को जाने थे। कॉलेजों को राशि नहीं जाने का मामला सीनेट से लेकर एकेडमिक काउंसिल ...
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