लखनऊ, फरवरी 7 -- -संस्थान में हुई संगोष्ठी लखनऊ, कार्यालय संवाददाता। उपचार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सुरक्षित, प्रभावी उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए पीजीआई, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद, आईआईटी कानपुर व आईईटी लखनऊ के बीच जल्द एक अनुबंध करेगा। इसकी प्रक्रिया चल रही है। इससे संस्थान की लैब और ओटी में एआई तकनीकों का इस्तेमाल होगा। मरीजों को त्वरित इलाज के साथ सटीकता आयेगी। ये बातें पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान ने शनिवार को हेपेटोलॉजी विभाग के पांचवें स्थापना दिवस पर आयोजित संगोष्ठी में कहीं। इस मौके पर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के डॉ. निगम एच शाह ने एआई की आधुनिक तकनीक साझा की। आईसीएमआर की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मोना दुग्गल, आईआईटी कानपुर के कंप्यूटर साइंस एवं एआई विशेषज्ञ डॉ. हरिश कर्निक,हेपेटोलॉजी विभाग के विभा...
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