नई दिल्ली, जनवरी 12 -- बिहार के भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के आदेश पर बिहार में किसानों का निबंधन(फार्रमर रजिस्ट्री) का काम चल रहा है। लेकिन संयुक्त जमाबंदी होने से किसान निबंधन कराने में किसानों को मुश्किल हो रही है। उन्हें शिविर से लौटा दिया जा रहा है। किसान अंचल का चक्कर काट रहे हैं। दरअसल, अब एलपीसी, किसान सम्मान निधि, केसीसी या कृषि योजना के लिए किसान निबंधन को अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों का आरोप है कि संयुक्त जमाबंदी को अलग करने के लिए खुद प्रक्रिया जटिल है। इस काम के लिए अमीन अधिक पैसे मांगते हैं। अंचल कार्यालय में भी उन्हें दौड़ाया जा रहा है। कई बार किसानों से जमाबंदी अलग करने के लिए घूस की भी मांग की जाती है। नहीं देने पर बहाने बनाकर टाल दिया जाता है। इस कारण किसान परेशान हैं।70% लघु किसान का ही हो रहा नि...