लखनऊ, नवम्बर 7 -- राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि निजीकरण के जिस मॉडल की प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में शुक्रवार को चर्चा की गई, वह केवल उद्योगपतियों को लाभ देने वाला है। बीते दिनों इस मॉडल का मुख्य सचिव के सामने भी प्रस्तुतिकरण किया गया था। अब इसे पीएमओ में दिखाया जा रहा है। वहीं, केंद्र सरकार भी निजीकरण की शर्त के साथ बिजली कंपनियों को आर्थिक मदद देना चाहती है। यह भी गलत है। यह मदद के नाम पर जबरन निजीकरण थोपने जैसा है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पीएमओ में शुक्रवार को बेलआउट पैकेज पर बैठक हो रही है, जिसका प्रमुख बिंदु निजीकरण है। इस बैठक में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन और प्रदेश के ऊर्जा विभाग के मुखिया हिस्सा ले रहे हैं। इसी बैठक में पावर कॉरपोरेशन यूपी में निजीकरण का मॉडल प्रस्तुत करेगा। वह मॉड...
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