हल्द्वानी, जनवरी 12 -- हल्द्वानी। उत्तराखंड फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार केएस फर्स्वाण ने दिल्ली में बीते दिनों हुई भारतीय फार्मेसी काउंसिल की 12वीं बैठक में सुझाव दिया कि प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में कम से कम दो फार्मासिस्ट पद अनिवार्य हों, ताकि 24 घंटे प्रशिक्षित सेवाएं मिलें और अप्रशिक्षित व्यक्तियों द्वारा दवा वितरण रुके। बड़े अस्पतालों में प्रत्येक 50 ओपीडी रोगियों पर एक फार्मासिस्ट का प्रावधान करने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने आईपीएचएस के मानकों में कमी पर चिंता जताई। साथ ही, डी फार्मा व बी फार्मा में गलत प्रवेश रोकने और बी.फार्मा परीक्षा नीट या जई से करवाने की मांग की। राजकीय फार्मेसी अधिकारियों के संगठन डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष सुधा कुकरेती व महामंत्री सतीश चंद्र पांडेय ने रजिस...