नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- पितृ पक्ष 2025: 7 सितंबर से पितृ पक्ष शुरू हो गया है। पितृ पक्ष 21 सितंबर तक रहेगा। पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों को याद करना चाहिए। इस पक्ष में पितरों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण जरूरी होता है। यदि पितृ गण खुश हों तो परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। श्राद्ध-तर्पण करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। शास्त्रों के अनुसार तीन पीढ़ी तक श्राद्ध करने का विधान है। पिता को वसु देवता, दादा को रुद्र देवता और परदादा को आदित्य देवता के रूप में पूजने की परंपरा है। किसी भी परिवार में पिता, दादा व परदादा तक का श्राद्ध करना चाहिए। पितृ पक्ष में कुछ विशेष तरह की पूजन सामग्री का महत्व है, इसमें तिल, जौ, कुशा, गेहूं, उड़द दाल, मूंग, धान, कांगुनी, मटर, कचनार, सरसो, हवन लकड़ी आम की, सुपाड़ी, घी, शहद, पान का पत्ता आदि सामग्री का इस्ते...
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