नई दिल्ली, जून 20 -- मद्रास हाईकोर्ट ने माना कि महिला को पासपोर्ट के लिए आवेदन करने से पहले अपने पति के हस्ताक्षर लेना जरूरी नहीं। न्यायमूर्ति एन. आनंद वेंकटेश ने हाल ही में रेवती द्वारा दायर याचिका का निपटारा करते हुए यह फैसला सुनाया। उसने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से अपने पति से हस्ताक्षर लिए बिना नया पासपोर्ट जारी करने का निर्देश देने की मांग की थी। जज ने कहा कि किसी पत्नी के लिए प्राधिकारी के समक्ष पासपोर्ट के लिए आवेदन करने से पहले अपने पति की अनुमति लेना और उसके हस्ताक्षर लेना जरूरी नहीं है। न्यायमूर्ति ने आरपीओ को याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत आवेदन पर कार्रवाई करने और चार सप्ताह में उसके नाम पर पासपोर्ट जारी करने का निर्देश दिया। दरअसल, महिला का उसके पति के बीच वैवाहिक विवाद था, जिसके परिणामस्वरूप उसके पति ने स्थानीय अदालत में याच...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.