सहारनपुर, अगस्त 21 -- देहात विधानसभा के ग्राम पाल्ली में बुधवार को सामाजिक चेतना का अनूठा उदाहरण देखने को मिला। स्व. सुलैला देवी के परिजनों ने मृत्यु भोज ना कर समाज में नई सोच का संदेश दिया। स्व. मामचंद की पत्नी के निधन पर उनके पुत्र गोपी, करण, सुमित और पुत्री ने सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि वे मृत्यु भोज नहीं करेंगे और ग्रामीणों को भी इससे दूर रहने की शपथ दिलाई। इसका नेतृत्व भारतीय शिक्षा चैरिटेबल ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयराम गौतम प्रधान ने किया। उन्होंने कहा कि मृत्यु भोज एक मानसिक व आर्थिक बोझ है, जिसे त्यागकर समाज आगे बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने एकमत होकर इसका समर्थन किया। ट्रस्ट जिलाध्यक्ष एड विपिन बर्मन ने कहा कि यह निर्णय केवल एक परंपरा को छोड़ने का नहीं, बल्कि समाज में एक नई सोच को जन्म देने का प्रयास है। ग्राम पाल्ली अरोड़ा से...
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