नई दिल्ली, मई 17 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समाज के बिगड़ते चरित्र के कारण आजकल लोग सच के लिए खड़े होने को तैयार नहीं हैं। इसके साथ ही अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा कि वह 2017 के भिवंडी पार्षद हत्या मामले में मौखिक गवाही के लिए बड़ी संख्या में गवाहों पर क्यों निर्भर है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिस्वर सिंह की पीठ कांग्रेस पार्षद हत्याकांड के कथित मुख्य साजिशकर्ता प्रशांत भास्कर म्हात्रे की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। पीठ ने राज्य के वकील को महत्वपूर्ण गवाहों की सूची प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिनकी जांच कर मामले में आरोपी को दोषी साबित किया जा सके। पीठ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा मामले में महत्वपूर्ण गवाहों की सूची प्रस्तुत करने के बाद वह मुकदमे को तेजी से पूरा करने के लिए समय-सीमा तय करेगी। म्हात्रे के वक...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.