रांची, जनवरी 19 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड की समृद्ध आदिवासी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण व संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) क्षेत्रीय केंद्र, रांची और विकास भारती, बिशुनपुर (गुमला) की ओर से पारंपरिक उरांव चित्रकला पर पांच दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत सोमवार को हुई। कार्यशाला 23 जनवरी तक चाला पाचो सभागार, ज्ञान निकेतन, विकास भारती, बिशुनपुर में चलेगी। विकास भारती के संयुक्त सचिव महेंद्र भगत ने कहा कि आदिवासी कला और संस्कृति को जीवित रखने में कलाकारों, संस्थानों और प्रशिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। उन्होंने युवाओं से लोक व जनजातीय कलाओं से गहराई से जुड़ने का आह्वान किया। आईजीएनसीए क्षेत्रीय केंद्र, रांची के क्षेत्रीय निदेशक डॉ कुमार संजय ने कार्यशाला का उद्देश्य...