रिषिकेष, जनवरी 27 -- कथा मर्मज्ञ हरिदास महाराज ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना बड़ी बात नहीं। ऐसा होने पर समय रहते सुधार और प्रायश्चित जरूरी है। ऐसा नहीं हुआ तो गलती पाप की श्रेणी में आ जाती है। मंगलवार को त्रिवेणी घाट पर श्री वीरवर दायक काले हनुमान मंदिर गौतम कुंज की संस्थापक ब्रह्मलीन महंत जनक किशोरी दासी की प्रथम बरसी पर श्रीमद्भागवत कथा दूसरे दिन भी हुई। कथा व्यास हरिदास महाराज ने पांडवों के जीवन में श्रीकृष्ण की कृपा को सुंदर ढंग से बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षित कलियुग के प्रभाव के कारण ऋषि से श्रापित हो जाते हैं। उसी के पश्चाताप में वह शुकदेव के पास जाते हैं। भक्ति एक ऐसा उत्तम निवेश है जो जीवन में परेशानियों का उत्तम समाधान देती है। साथ ही जीवन के बाद मोक्ष भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि द्वापर युग में धर्मराज युधिष्ठिर न...