औरैया, जुलाई 15 -- 'मेरे पापा मुझे बहुत मारते हैं। हाथ-पैर बांधकर खेत पर चले जाते हैं। मुझे पढ़ने के लिए स्कूल भी नहीं भेजते हैं। घर में खाना बनाने के लिए कहते हैं। पिछले तीन दिन से मुझे लगातार पीट रहे थे। मैंने सुना है कि लोग गुस्से में ट्रेन से कट जाते हैं और मर जाते हैं। इसलिए मरने आई हूं..'। अछल्दा की डीएफसी लाइन पर ट्रेन से कटने जा रही बच्ची को लोगों ने बचा कर पूछताछ की, तो वह यही बोली। सात साल की मासूम बच्ची की दर्दभरी दास्तां सुन लोगों की कोरें भीग गईं। अछल्दा थाने लाई गई बच्ची की पढ़ाई के प्रति रुचि देख वहां मौजूद युवा चंदन राजपूत ने उसे गोद लेने की इच्छा भी जाहिर की। उसका अंग्रेजी मीडियम स्कूल में प्रवेश करा दिया। चंदन ने पिता से लिखवाकर बच्ची को गोद लेने का दावा भी किया। हालांकि पुलिस ने इसे कानूनी प्रक्रिया न मानकर बच्ची को पिता...
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