लोहरदगा, मई 13 -- लोहरदगा, संवाददाता। लोहरदगा जिले में सिंचाई के नाम पर पानी के स्थान पर पैसा तो खूब बह रहा है, पर खेतों तक पानी नही पहुंच पा रहा है। जिले में 55,070 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है जिसमे मात्र 7,752 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि ही सिंचित है। जबकि लोहरदगा जिला मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है इसके बावजूद भी अबतक सिंचित क्षेत्र में कोई वृद्धि नहीं हो पाई है। यहां आज भी कृषक सिंचाई के लिए बारिश, डीप बोरिंग, तालाब और कुआं पर निर्भर हैं। यही कारण है जिले के किसान खेती के लिए सिर्फ आसमानी बारिश पर ही निर्भर होकर रह गए हैं। आजादी के इतने वर्षों बाद भी जिले की प्रमुख सिंचाई योजनाएं पानी मांग रही हैं, जबकि जिले की अधिकांश आबादी किसी न किसी रूप में कृषि पर निर्भर हैं। सिंचाई के नाम पर जिले में नंदिनी डैम, चन्दलासो डैम, सुकरी जलाशय, फूलझर नाल...
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