मधुबनी, अप्रैल 27 -- मधुबनी, निज संवाददाता। मिथिलांचल में मखाना उद्योग को बढ़ावा देने की बातें तो की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। पूरे क्षेत्र में जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है, जिससे मखाना उत्पादन पर गहरा असर पड़ा है। अपने सहयोगी के साथ बैठक के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रशीद फाखरी ने इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि मखाना, जो मिथिला की पहचान और हजारों किसानों की आजीविका का आधार है, जलस्तर गिरने के कारण उत्पादन बंदी की कगार पर पहुंच चुका है। बावजूद इसके, इस विषय पर कहीं कोई ठोस चर्चा या कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मिथिला दौरे पर आए पीएम ने कई वादे किए थे, जिनमें से अधिकांश अभी तक अधूरे हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पीएम ने कहा था कि अगली बार मिथिला मे...
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