नई दिल्ली, जनवरी 10 -- भारतीय वायुसेना (IAF) की युद्धक क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए भारत और फ्रांस एक बहुत बड़े रक्षा समझौते के करीब पहुंच गए हैं। वायुसेना के बेड़े में लड़ाकू विमानों की कमी को पूरा करने के लिए अतिरिक्त राफेल (Rafale) विमानों के ऑर्डर दिए जाने की संभावना है। यह चर्चा अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा के दौरान और तेज होने वाली है। भारतीय वायुसेना ने पहले ही सरकार-से-सरकार (G2G) समझौते के तहत बड़ी संख्या में जेट विमानों के अधिग्रहण का प्रस्ताव पेश किया है। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत वायुसेना को कम से कम 114 आधुनिक लड़ाकू विमानों की आवश्यकता है। इस अधिग्रहण के लिए सबसे पहले रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) से औपचारिक मंजूरी ली जाएगी, जिसके बाद कीमतों पर बातचीत और अंत में सुरक्षा मामलों की मंत्...
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