गंगापार, मई 7 -- चांद खम्हरिया गांव के जगदीश शुक्ला पाकिस्तान व भारत के कारगिल युद्ध में अपना दोनों पैर गंवा चुके हैं। रिटायर होने के बाद वह पत्नी उर्वशी शुक्ला के साथ घर चांद खम्हरिया गांव में रहते हैं। पूर्व सैनिक को जैसे ही पाकिस्तान पर प्रहार व नौ आतंकी ठिकानों के ध्वस्त होने की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए प्राप्त हुई वह खुशी से भर गए, कहा कि जिस तरीके से आतंकियों ने गत दिनों जम्मू कश्मीर में सैलानियों के साथ बेरहमी व बहन बेटियों की मांग का सिंदूर उजाड़ा था, भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तत जवाब दे दिया है। भारतीया सेना किसी से कम नहीं है। सेनानी जगदीश शुक्ल घर में रही टीवी खोलकर आतंकियों पर किए गए प्रहार को देखने में जुट गए। कहा कि आज भी उनका जज्बा पहले जैसा है। इकलौता बेटा जीतेन्द्र कुमार शुक्ल सेना में अफसर थे, पांच वर्षो तक नौकरी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.