बालाघाट, फरवरी 3 -- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के युवक प्रसन्नजीत रंगारी पाकिस्तान की जेल में सात साल तक बंद रहे। 31 जनवरी को पाकिस्तान से रिहा हुए सात भारतीय कैदियों में छह पंजाब मूल के हैं, जबकि एक नाम मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले का है। मानसिक बीमारी के चलते भटकते हुए सरहद पार कर गए प्रसन्नजीत पाकिस्तान की जेल में सुनील अदे के नाम से बंद थे। उनकी रिहाई आसान नहीं थी। सात साल तक बहन संघमित्रा ने सरकारी दफ्तरों, नेताओं और प्रशासन के दरवाजे खटखटाए। आखिरकार अब वे आजाद हो चुके हैं। लेकिन परिवार के सामने अभी भी उन्हें घर लाने की चुनौती बनी हुई है।कर्ज लेकर पिता ने पढ़ाया, 2019 से पाकिस्तान की जेल में बंद बालाघाट जिले के खैरलांजी में रहने वाले प्रसन्नजीत रंगारी पढ़ाई में तेज थे। कर्ज लेकर पिता लोपचंद रंगारी ने उसे जबलपुर के गुरु रामदास खालसा इ...