इस्लामाबाद, अक्टूबर 24 -- पाकिस्तान में हमेशा से यह सवाल उठता रहा है कि आखिर सेना, ब्यूरोक्रेसी से लेकर राजनीति तक में पंजाब सूबे का ही प्रभुत्व क्यों है। इसे लेकर बलूचिस्तान में तो भारी विद्रोह रहा है और अकसर ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जिनमें पंजाबी मूल के लोगों की टारगेट किलिंग की जाती रही है। इस बीच एक और विवाद पाकिस्तान में उठ खड़ा हुआ है। खैबर पख्तूनख्वा से लेकर सिंध प्रांत तक आटे की किल्लत है और दोनों राज्यों की सरकारें पंजाब पर आरोप लगा रही हैं कि उसने गेहूं का स्टॉक रोक रखा है। सप्लाई ना होने के चलते उनके राज्यों में आटे की किल्लत पैदा हो गई है। इससे महंगाई बढ़ गई है और गरीब तबके के लोगों को दो वक्त की रोटी के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। गुरुवार को खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने गेहूं के अंतर-राज्यीय मूवमेंट के बाधित होने पर सवाल उठ...
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