नई दिल्ली, नवम्बर 26 -- अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वज फहराने की घटना पाकिस्तान को अगर चुभ रही है, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है। इतिहास गवाह है कि भारतीयता के स्वाभाविक सद्भाव में सेंध लगाने का कोई अवसर पाकिस्तान हाथ से नहीं जाने देता है। पाकिस्तान ने राम मंदिर के निर्माण का भी विरोध किया था और उसके ध्वजारोहण कार्यक्रम की उसने संयुक्त राष्ट्र तक शिकायत की है। भारत के नजरिये से देखें, तो यह अनचाहा बयान है, पर ऐसी हल्की बयानबाजी पाकिस्तान की आदत में शुमार है। भारत आज जिस भाव भूमि पर खड़ा है, उसे पाकिस्तानी समझ नहीं सकते। उन्हें भारतीयता की समझ अगर होती, तो देश का बंटवारा न होता। बंटवारे के बाद भारत में मौजूद मुस्लिम-विरासत की चिंता पाकिस्तान को हो रही है, तो यह निंदनीय है। भारत में मौजूद विशाल मुस्लिम विरासत की कोई चिंता चंद कट्टर मुस...