बांदा, नवम्बर 23 -- बांदा। संवाददाता मछली पकड़ने के दौरान पोरबंदर बंदरगाह से भटककर पाकिस्तान की सीमा में पहुंचे तिंदवारी क्षेत्र के चार युवकों की वहां की लांड्री जेल में हालत खराब है। वह बीमार हैं और उन्हें ठीक से इलाज तक नसीब नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं इन्हें भरपेट खाना तक नहीं दिया जा रहा। पांच साल से दुश्मन देश में बंद इन युवकों का पीड़ा से भरा एक पत्र व्हाट्सएप पर आया तो मछुआरे जितेंद्र की मां रानी बीमार पड़ गईं। अन्य मछुआरों के परिजनों के भी हाल-बेहाल हैं। सभी ने प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। तिंदवारी क्षेत्र के कई गांवों से मछुआरे हर साल ठेके पर मछली का शिकार करने गुजरात के पोरबंदर जाते हैं। तिंदवारी के धौसड़ गांव निवासी वसीर का 26 वर्षीय बेटा चांदबाबू ,जागेश्वर का 22 वर्षीय बेटा लक्ष्मण और पड़ोसी गांव जसईपुर के संजय का 28 वर्ष...
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