हापुड़, जनवरी 13 -- गढ़मुक्तेश्वर। श्रीमद्भागवत कथा के तृतीय दिवस श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। इस अवसर पर तृतीय दिवस के मुख्य यजमान अतुल शर्मा ने अपनी पत्नी सहित विधि-विधान से कथा व्यास का पूजन किया। इसके बाद कथा व्यास तेजस्वनी किशोरी ने भक्तों को ध्रुव चरित्र और सती चरित्र की भावपूर्ण कथा का श्रवण कराया। मंगलवार को दुर्गा कॉलोनी में आयोजित ध्रुव चरित्र का वर्णन करते हुए कथा वाचक ने बताया कि ध्रुव राजा उत्तानपाद के पुत्र और भगवान विष्णु के महान तपस्वी भक्त थे। उन्होंने मात्र पांच वर्ष की आयु में कठोर तपस्या कर भगवान विष्णु को प्रसन्न किया और उनका साक्षात्कार प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि जब एक बालक निष्ठा और दृढ़ विश्वास से भगवान को पा सकता है, तो आज के बच्चों और युवाओं को भी नियमित मंत्र जप, साधना और सच्ची भक्ति के मार्ग पर चलना चाहिए...
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