अंबेडकर नगर, फरवरी 15 -- सद्दरपुर, संवाददाता। टांडा कलवारी पुल की मरम्मत का सरकारी समय बीत जाने व तीन माह का समय अधिक लगने के बाद भी एएनएचआई द्वारा निर्धारित कम्पनी कार्य पूर्ण नहीं कर सकी। टांडा कलवारी पुल की मरम्मत अब जनसुविधा नहीं बल्कि ठेकेदार के लिए कमाई का जरिया बनती जा रही है। 'जितनी देरी, उतना फायदा' की कहावत इस पुल पर पूरी तरह चरितार्थ हो रही है। पुल मरम्मत कार्य 11 सितम्बर से शुरू होकर दो माह में पूरा होना था लेकिन पांच माह का समय बीत जाने के बावजूद कार्य अभी तक अधूरा है। इस दौरान पुल से आवागमन प्रतिबंधित है इसके बावजूद भी ठेकेदार द्वारा अवैध वसूली का खेल खुलेआम चल रहा है। लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ठेकेदार व पुलिस की मिलीभगत से चार पहिया वाहनों को सैकड़ों रुपये लेकर टांडा से बस्ती की ओर निकाला जा रहा है। वहीं, निजी...
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