बलिया, जुलाई 11 -- बलिया, संवाददाता। जिले के आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथ अस्पतालों पर पिछले पांच महीनों से आयुष मिशन की दवाएं नहीं आयी है। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन की ओर से स्थानीय स्तर पर खरीदी गई दवाएं डॉक्टर मरीजों को लिखने को मजबूर हैं। अब जबकि बरसात के मौसम में तेजी से वायरल बीमारियां फैल रही हैं, जिससे अस्पताल पर सर्दी-जुखाम, खांसी, जोड़ों के दर्द समेत पिलिया आदि के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। इस समय आयुष मिशन की दवाएं नहीं होने से मरीज परेशान हैं। सक्षम मरीज तो बाहर से दवाएं खरीद ले रहे हैं। लेकिन हाशिए और मध्यमवर्गीय लोग अस्पताल की दवाएं लेने को लाचार हैं। इससे उनका मर्ज ठीक नहीं हो पा रहा है। वैश्विक महामारी कोरोना के समय से आयुर्वेद, होम्योपैथ और यूनानी उपचार पद्धति के प्रति लोगों का रूझान तेजी से बढ़ा है और ऐसे में अस्पताल ...
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