पाकुड़, जनवरी 21 -- पांचवें दिन भी ठप रहा रैक लोडिंग का कार्य पाकुड़, प्रतिनिधि। रेलवे स्टेशन से लंबी दूरी की ट्रेनों के संचालन, प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव और बंद की गई रेलगाड़ियों के पुनः परिचालन की मांग को लेकर आंदोलन पांचवें दिन भी जारी रहा। इसके तहत रेलवे के सभी लोडिंग प्वाइंट्स पर पत्थर की माल ढुलाई पूरी तरह ठप रही। आंदोलन के कारण केवल पाकुड़ जिले से ही सरकार को प्रतिदिन करीब करोड़ों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जानकारी के मुताबिक पाकुड़ रेलवे स्टेशन हावड़ा डिवीजन में राजस्व के मामले में दूसरे स्थान पर है। कोयला और पत्थर ढुलाई से रेलवे को यहां से हर साल हजारों करोड़ का राजस्व मिलता है। इसके बावजूद पाकुड़ से पटना, मुगलसराय और दिल्ली के लिए कोई सीधी ट्रेन नहीं है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सालाना हजारों करोड़ रुपये से अधिक रा...