लखीसराय, जून 17 -- प्रकाश मंडल । चानन सरकार के तमाम प्रयास के बावजूद आदिवासी इलाकों का अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। अब भी यहां के लोगों को उद्धारक की तलाश है। आदिवासी क्षेत्र अक्सर दूर-दराज के दुर्गम और सुदूर इलाके में होता है, जिस कारण भी विकास चुनौतीपूर्ण हो जाता है। चानन के पहाड़ी इलाकों में बसे जगुआजोर, गोबरदाहा, कछुआ, सतघरवा, महजनमा आदि गांवों में गरीबी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है। यहां अब भी विकास की धमक पूरी तरह नहीं पहुंच सका है। यह इलाका एक समय नक्सलियों के कब्जे में रहने की बात कही जाती थी। लेकिन पिछले तीन चार वर्षो में सीआरपीएफ, एसएसबी, एसटीएफ व जिला पुलिस की सक्रियता की वजह से लोग चैंन की सांस ले रहे है। कुछ साल पहले यह इलाका सड़क, बिजली और संचार से बिल्कूल महरूम था, जिसे हद तक पूरा किया जा रहा है। बीमार लोगों के ल...
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