ओम प्रकाश सती, जनवरी 28 -- उत्तराखंड की शुद्ध आबोहवा के बाद अब पानी पर भी प्रदूषण का साया मंडराने लगा है। प्रदेश के पहाड़ी जिलों में भूजल महानगरों जैसा प्रदूषित हो रहा है। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चमोली को छोड़कर सभी आठ पहाड़ी जिलों में आयरन का स्तर अधिकतम सीमा से बहुत ज्यादा मिला है। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीसीबी) की रिपोर्ट में यह चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। विशेषज्ञों के मुताबिक, आयरन (लौह तत्व) का अधिक स्तर सीधे तौर पर जनस्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है। इससे पेट, किडनी और त्वचा को नुकसान पहुंचता है। यूपीसीबी ने प्रदेश के सभी 13 जिलों में भौतिक, रासायनिक, जैविक तत्वों और भारी धातुओं सहित कुल 32 मानकों पर भूजल की जांच की। कुछ जिलों में पानी की हार्डनेस तय करने वाले मैग्नीशियम, कैल्शियम जैसे खनिजों की मात्रा भी अधिक है...