देहरादून, जनवरी 9 -- दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में शुक्रवार को अल्मोड़ा क्षेत्र के सामाजिक और पारिस्थितिक बदलावों पर आधारित एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। अध्ययन में साफ कहा गया कि उत्तराखंड के पहाड़ी कस्बों के विकास के लिए मैदानी क्षेत्रों के मॉडल प्रभावी नहीं हैं। यहां की ढलानों, जलवायु और संस्कृति के अनुरूप ही शहरी नियोजन जरूरी है। हिमालयी क्षेत्रों में जल संकट, ट्रैफिक जाम और असुरक्षित निर्माण बड़ी चुनौतियां है। उत्तराखंड सेवा निधि और डीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में अल्मोड़ा के सिमल्टी-बिंता और पनुआनौला क्षेत्रों के तकनीकी अध्ययन के निष्कर्ष साझा किए गए। डीआईटी के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष जोशी ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में जल संकट, ट्रैफिक जाम और असुरक्षित निर्माण बड़ी चुनौतियां हैं।...
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