किशनगंज, नवम्बर 2 -- टेढ़ागाछ। एक संवाददाता परिवर्तन संसार का नियम है। आज नित नए नए अविष्कारों ने समाज की प्रगति में भूचाल सा ला दिया है। इसी परिवर्तन के दौर में आज चुनाव प्रचार का तरीका भी समय के साथ बहुत तेजी से बदला है। आज चुनाव प्रचार के लिए जहां उम्मीदवार सोशल साइट्स, मोबाइल फोन, टीवी चैनल आदि का सहारा ले रहे हैं तो वहीं कुछ वर्षो पहले चुनाव प्रचार का तरीका आज से बिल्कुल अलग था। जो जनता और उम्मीदवार के बीच मजबूत रिश्ते को दर्शाता था। टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र स्थित फुलबरिया निवासी 98 वर्षीय बुजुर्ग तारकेश्वर तिवारी पुराने दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि पहले चुनाव-प्रचार के लिए लोग बैलगाड़ी, साइकिल या पैदल ही जाते थे। चुनाव-प्रचार में जाना आज की अपेक्षा पहले काफी कठिन था, ना ही नदी पार करने के लिए पुल होता था, लोग नाव के ही सहारे नदी प...