किशनगंज, नवम्बर 2 -- ठाकुरगंज, संवाददाता ठाकुरगंज के 80 वर्षीय निवासी द्वारिका साह ने चुनावी दिनों की पुरानी यादें साझा कीं। उनका कहना है कि पहले प्रत्याशी साइकिल से खुद गांव-गांव जाकर प्रचार करते थे। कोई माइक्रोफोन या भव्य सभा नहीं होती थी। वे बिना शोर-शराबे के सीधे लोगों से संवाद करते और अपने पक्ष में वोट करने की अपील करते थे।द्वारिका साह ने बताया कि उस समय चुनावी प्रचार बहुत सादा और शांतिपूर्ण होता था। प्रत्याशी केवल जनसंपर्क के लिए घूमते और मतदाताओं से व्यक्तिगत तौर पर मिलते थे। उन्होंने बताया कि उस दौर में मुख्य रूप से कांग्रेस पार्टी और जनता पार्टी के ही उम्मीदवार होते थे।आजकल चुनावी मैदान में परियों की संख्या काफी बढ़ गई है, साथ ही निर्दलीय उम्मीदवारों की भी अधिकता है। उन्होंने कहा कि पहले मतदाता और प्रत्याशी के बीच सीधे संवाद से चु...