सुपौल, अगस्त 3 -- साल 1981 में बॉलीवुड की एक फिल्म आई थी। प्यासा सावन। इस फिल्म का एक गाना आज भी लोगों की जुबान पर है...तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है, अंधेरों से भी मिल रही रोशनी है। इस गाने की चर्चा यहां इसलिए, क्योंकि सामान्य जीवन में पति-पत्नी सात फेरे लेने के बाद सात जन्मों तलक एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाकर दो जिस्म एक जान हो जाते हैं। फिर उनमें से किसी एक का दुख दूसरे का और दूसरे का सुख अपना लगने लगता है। इन दिनों सुपौल जिले के स्वास्थ्य विभाग के दो वरीय अधिकारी दंपती भी एक बार फिर से इसी कसम को निभा रहे हैं। वह भी इस कदर कि एक ने स्वास्थ्य कारणों से नौकरी से इस्तीफा दिया तो दूसरे ने भी उनकी देखभाल का हवाला देकर नौकरी से त्याग पत्र दे दिया है। यहां तक तो ठीक है कि पति का स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा तो पत्नी उनकी देखभाल करेंग...
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