नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उन लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल करने का आदेश देने से इनकार कर दिया, जिन लोगों ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) 2019 के भारत की नागरिकता पाने के लिए आवेदन किया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि जब तक सक्षम प्राधिकार नागरिकता के बारे में कोई फैसला नहीं कर लेता, तब तक उनको मतदाता सूची में कैसे शामिल किया जा सकता है? मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने मौखिक तौर पर कहा कि पहले नागरिकता प्राप्त करें, फिर मतदाता सूची में नाम शामिल होगा। पीठ ने गैर सरकारी संगठन 'आत्मदीप' की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। याचिका में बांग्लादेश से भारत आए और सीएए के तहत भारतीय नागरिकता पाने के हकदार लोगों को पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद म...