रायबरेली, फरवरी 19 -- रायबरेली संवाददाता। बरकतों से भरे रमजान महीने का आगाज गुरुवार को हो गया। बुधवार चांद दिखने के बाद पहला रोजा गुरुवार को रखा गया। इसी के साथ मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की जाने लगी है और इबादत का सिलसिला शुरू हो गया। रोजेदार इस पवित्र महीने का बेसब्री से इंतजार करता है और पूरे श्रद्धा भाव के साथ रोजे रखता है। रोजा इस्लाम की एक महत्वपूर्ण इबादत है। इसमें रोजेदार सूर्योदय से पहले सहरी करते हैं और फिर सूर्यास्त तक खाने पीने से परहेज करते हैं। शाम को इफ्तार के समय रोजा खोला जाता है। रोजा केवल भूखे-प्यासे रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन, वाणी और व्यवहार को शुद्ध रखने की साधना भी मानी जाती है। रोजे की शुरूआत सूर्योदय से पहले सहरी खाने से होती है। इसे रोजे की तैयारी और सुन्नत माना जाता है। सहरी के बाद सूर्यास्त तक कुछ भी...