बरेली, फरवरी 9 -- झोलाछाप के खिलाफ जांच के नाम पर तीन सप्ताह तक टालमटोल करने वाले अधिकारी अब पूरे मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं। ऑपरेशन के बाद युवक की जान पर संकट गहराता जा रहा है। उधर, जांच के लिए बनी कमेटी तय ही नहीं कर पाई कि ऑपरेशन झोलाछाप ने किया था या नहीं। चौंकाने वाली बात यह है कि झोलाछाप ने मरहम-पट्टी करने की बात खुद ही बताई, लेकिन नोडल अधिकारी ने फिर भी उसके खिलाफ तीन सप्ताह तक मुकदमा दर्ज कराने की जरूरत नहीं समझी। बारादरी के डोहरा गौटिया निवासी शिशुपाल ने आरोप लगाया कि उसके बेटे अजय का पीलीभीत बाईपास स्थित प्रथ्वी फार्मा क्लीनिक पर झोलाछाप जयवीर ने गलत ऑपरेशन कर दिया था। जयवीर ने पेशाब की जगह में पानी भरने की बात बताई और उसका ऑपरेशन कर दिया था, जबकि उसकी आंत में बीमारी थी। गलत ऑपरेशन की वजह से अब उसे लगातार रक्तस्राव हो रहा है और ...
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