सहरसा, दिसम्बर 19 -- सहरसा, नगर संवाददाता। एक दौर था जब रिश्तों की गर्माहट को बढ़ाने में ग्रीटिंग कार्ड का काफी महत्व था।होली हो दीपावली हो दुर्गा पूजा हो चाहे अन्य कोई पर्व त्योहार एक दूसरे के बीच रिश्तों की डोर मजबूत करने में ग्रीटिंग कार्ड की अहम भूमिका होती थी।वहीं जब बात जब नववर्ष की होती थी बिना ग्रीटिंग कार्ड नववर्ष का उत्साह फीका रहता था। दिसंबर महीने की शुरुआत होने के साथ हीं शहर की बाजारों में ग्रीटिंग कार्ड की सैकड़ों दुकानें सज जाती थी। जहां प्रेमी प्रेमिका से लेकर हर उम्र, वर्ग के लोग ग्रीटिंग कार्ड की खरीदारी करते थे।लेकिन बीते कई सालों से ग्रीटिंग कार्ड का क्रेज लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुका है।जबकि पहले तो ग्रिटिंग्स कार्ड से सजी दुकानों को देखकर ही लोगों को नववर्ष के आगमन का एहसास होने लगता था।लेकिन संचार क्रांति के दौर में...
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