लखनऊ, जून 28 -- लखनऊ। वरिष्ठ संवाददाता सिक्के की दुनिया की बात करें तो पहले के सिक्के धातु के बने होते थे। ये सिक्के सोना, चांदी, तांबा, रजत, ताम्र, निकिल, शीशे के होते थे। इनका जीवन लंबा होता था। प्राचाीन काल में वस्तुएं और खाद्य पदार्थो के बदले आपसी लेनदेन होते थे। अब के सिक्के और नोट आभासी हो गए हैं। आप सिर्फ महसूस कर सकते है कि मेरे पास इनते कीमत के सिक्के या नोट हैं। हकीकत में इनते कीमती सिक्के और नोट होते नहीं है। इसलिए वर्तमान समय में सिक्के और नोट को आभासी के रूप में परिभाषित किया गया है। उक्त बातें मौन सिक्के, मुखर इतिहास विषय पर कैसरबाग स्थित छतर मंजिल में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के समापन पर राज्य संग्रहालय के मुद्राशास्त्र अधिकारी डॉ. विनय कुमार सिंह ने कहीं। उन्होंने कार्यशाला में लविवि के सैकड़ों छात्र-छात्राओं को मुद्राओं...
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