पूर्णिया, अगस्त 7 -- भवानीपुर, एक संवाददाता। पूर्णिया जिला अंतर्गत भवानीपुर प्रखंड की श्रीपुर मिलिक पंचायत का छोटा सा गांव पहलटोला स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में किसी तीर्थ से कम नहीं था। यह वही गांव है, जहां स्वतंत्रता सेनानी कुसुमलाल मंडल का घर आजादी के दीवानों का सुरक्षित ठिकाना बन गया था। क्रांतिकारी रणनीतियां यहीं बनती थीं। अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज़ यहीं बुलंद होती थी, लेकिन आजादी के 78 साल बाद भी यह ऐतिहासिक गांव उपेक्षा और गुमनामी की मार झेल रहा है। इनके घर से आजादी के दीवानों के द्वारा आजादी की लड़ाई का खाका तैयार किया जाता था। उनके निवास पर स्वतंत्रता आन्दोलन से जुड़े कई बड़े आन्दोलनकारी अंग्रेजों से बचने के लिए पहुंचते थे। कटिहार जिले की सीमा के नजदीक बसे पहलटोला गांव में ना सिर्फ पूर्णिया जिले के क्रन्तिकारी आते थे बल्कि सी...
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