प्रमुख संवाददाता, अप्रैल 28 -- पति वॉशरूम गए थे और मैं कुछ दूर बैठी थी। बेटी-दामाद पहलगाम में एक टीले पर मैगी खा रहे थे, अचानक गोली चलने की आवाज आई, इस दौरान बेटी चीखी-मम्मी इन लोगों ने शुभम को मार डाला, देखो क्या हो गया। तीन से चार आतंकी बैसरन घाटी में गोली चला रहे थे, बाकियों ने पूरी घाटी को घेर रखा था। डर के मारे कुछ लोग वॉशरूम में छिपे थे, उनको भी निकालकर गोली मार दी। एक गोली मेरे पति के बगल से निकल गई। बदहवास बेटी को हम लोग किसी तरह घसीटकर लाए। पति की मौत पर बेटी चीख-चीखकर कहती रही कि मां मुझे घाटी में फेंक दो। आतंकियों की वहशियाना हरकत का आंखों देखा हाल बताते हुए शुभम की सास सुनीता पांडेय फफकर रो पड़ीं। उनका कहना है कि एशान्या का दुख देखा नहीं जाता। आतंकी हमले में मरने वाले हाथीपुर के सीमेंट कारोबारी शुभम द्विवेदी के साथ उनकी पत्नी ...
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