शामली, जुलाई 16 -- जैन संत विव्रत सागर महाराज ने कहा है कि अगर जीवन में अपनी पहचान बनानी है तो अपनी आत्मा से बनाओ जो समय-समय पर सुरक्षा व आपका कल्याण करेगी। श्री दिगम्बर जैन धर्मशाला में चल रहे चातुर्मास में श्रद्धालुओं को प्रवचन करते हुए जैन संत विव्रत सागर महाराज ने कहा कि इस संसार में प्रत्येक जीव अपने को योग्य बनाने में लगा हुआ है, योग्य बनने के लिए उपक्रम करता रहता है योग्य बनने के लिए सबकुछ किया लेकिन यही छोड़कर सब कुछ चला गया। संसार में अगर कोई योग्य है तो वह देव, शास्त्र और गुरु है। उन्होंने कहा कि जिसके आठ कर्मों का नाश नहीं हुआ है वही मार्ग पर लगे हुए हैं। हम जन्म से लेकर अंत तक अपनी पहचान बनाने में लगे हुए हैं, अगर जीवन में अपनी पहचान बनानी है तो अपनी आत्मा की बनाओ जो समय-समय पर सुरक्षा और आपका कल्याण करेगी और आपको मोक्ष की प्रा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.