लखीसराय, सितम्बर 12 -- कजरा, एक संवाददाता। पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था करना किसानों के लिए बहुत ही कठिन काम है। बढ़ती जनसंख्या के साथ जोत छोटी होती जा रही है। और खाद्यान्न उत्पादन में ही खेतों का इस्तेमाल हो रहा है। ऐसे में पशुओं के लिए चारा की समस्या बढ़ती जा रही है। इस समस्या से निजात पाने के लिए किसान सलाहकार अनिल सिंह ने किसानों को समझाते हुए कहा कि वैज्ञानिकों ने एक विशेष प्रकार की पशु चारा यानि कि घास विकसित की है। इस घास को बाजरा और नेपियर को मिक्स कर तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि जिन पशुओं को नियमित तौर पर बीएन घास चारा के रूप में दिया गया उनके दुग्ध उत्पादन क्षमता में आधे से 1 लीटर की वृद्धि दर्ज हुई। इससे पशुओं के लिए हरे चारे की कमी भी दूर हो जाती है।
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