लखीमपुरखीरी, अप्रैल 20 -- कस्बे का मवेशी अस्पताल खुद बीमार हो गया है। यहां न कोई डॉक्टर है और न कंपाउंडर। इस वजह से पिछले साढ़े तीन महीनों से इसमें ताला झूल रहा है। यहां तैनात डॉक्टर के पिछले साल ट्रांसफर के बाद किसी डॉक्टर की तैनाती न होने से इलाके के पशुपालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कस्बे समेत निघासन तहसील के कमोबेश सभी पशु अस्पतालों का यही हाल है। इनमें कोई स्थायी डॉक्टर नहीं है। सिंगाही के मवेशी अस्पताल में तैनात डॉ. एके पटेल का ट्रांसफर पिछले साल तीस जून को हो गया था। इसके बाद इस साल 31 जनवरी को अस्पताल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेश सक्सेना भी रिटायर हो गए। इसके बाद से अस्पताल में ताला लग गया है। अभी तक इसमें किसी डॉक्टर की तैनाती न होने से अपने पालतू मवेशियों के इलाज के लिए आने वाले पशुपालकों ताला लटका देखकर बेरं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.