हाजीपुर, अगस्त 11 -- हाजीपुर, एक प्रतिनिधि गंगा नदी के जलस्तर में कमी के संकेत हैं। जलस्तर में कमी के संकेत के बावजूद बाढ़ पीड़ित लोगों एवं पशुओं की समस्याएं अभी भी बरकरार है। खासकर पशुओं के लिए हरा और सूखा चारे की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। बाढ़ के कारण खेतों में लगा फसलें समेत हरे चारे भी बर्बाद हो गई है। जिला पशुपालन विभाग की ओर से पशुओं की समस्या देखते हुए सूखा चारा के रूप भूसा का वितरण बाढ़ प्रभावित इलाकों में हो रहा है। बाढ़ से प्रभावित पशुपालकों का कहना है कि भूसा का वितरण हो रहा है, लेकिन पशुओं के हिसाब से कम है। बाढ़ से पीड़ित तेरसिया के युगल राय, धर्मेन्द्र राय का कहना है कि प्रति पशुओं को एक-एक क्वींटल के हिसाब से भूसा का वितरण होना चाहिए। हरे चारे पानी में बर्बाद हो गया है, गाय-भैंस बिना हरे चारे और चोकर का भूसा नहीं खा रह...
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