नई दिल्ली, दिसम्बर 23 -- केंद्र सरकार ने बीते दिनों यह कहकर सबको चौंका दिया कि जहरीली हवा और फेफड़ों की बीमारियों का कोई सीधा रिलेशन नहीं है। सरकार ने कहा कि दोनों के बीच संबंध है,ऐसे कोई पक्के सबूत नहीं हैं। इस बयान के आने के बाद डॉक्टरों में नाराजगी है। डॉक्टरों ने सरकार के इस बयान को भ्रामक और शब्दों का खेल बताया है। अपनी बात साबित करने के लिए विशेषज्ञों ने हाल ही में हुए कई अंतरराष्ट्रीय शोध (studies) का हवाला दिया है। 18 दिसंबर को सरकार ने संसद में कहा था कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) और फेफड़ों की बीमारियों या मौतों के बीच कोई सीधा संबंध साबित करने वाला कोई निश्चित डेटा मौजूद नहीं है। हालांकि, डॉक्टरों ने 25 अप्रैल को 'ब्रिटिश जर्नल ऑफ कैंसर (नेचर)' में प्रकाशित एक अध्ययन का उदाहरण दिया। इस शोध का शीर्षक था "फेफड़ों के कैंसर के कार...