पलामू, नवम्बर 25 -- मेदिनीनगर, संवाददाता। भारत में 1946 गठित संविधान सभा की कड़ी मशक्कत से आम नागरिकों को मिला अपना संविधान को लागू हुए 75 साल से अधिक का समय बीत गया है। स्वभाविक है संविधान निर्माण में अमूल्य योगदान देने वाले महापुरुषों को नई पीढ़ी भुलने लगी है परंतु यह सामूहिक दायित्व है कि महापुरुषों को याद रखने और उनके जीवन और योगदानों से प्रेरित होकर संवैधानिक अधिकार और कर्त्तव्यों के प्रति आम लोगों को जागरूक किया जाएगा। संविधान निर्माण में पलामू निवासी दो महापुरुष सहित झारखंड के आठ नेताओं को महत्वपूर्ण योगदान रहा है। संविधान सभा के प्रमुख सदस्य रहे मरांग गोमके जयपाल सिंह तब महज 43 साल के थे, जब उनके कंधे पर भारत के संविधान निर्माण की जवाबदेही आई। उन्हे संविधान सभा के एडवाइजरी कमेटी ऑन फंडामेंटल राइट माइनोरिटिज, ट्राइबल एंड एक्सक्लुडे...
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