पलामू, अगस्त 9 -- मेदिनीनगर, प्रतिनिधि। पलामू जिले में बसने वाले उरांव, मुंडा, चेरो, खरवार, परहिया, कोरवा और असुर जैसे सात प्रमुख जनजातीय समुदायों के करीब दो लाख लोग विकास के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। जिले के 16 प्रखंड के 211 गांवों में रहते हैं। इनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति अभी भी काफी कमजोर है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत हुई है। इसका ताजा उदाहरण चियांकी पंचायत है जिसका करीब-करीब शहरीकरण हो गया है। चियांकी से सटे पोखराहा में भी जनजातीय गतिविधि काफी बढ़ी है। विश्व आदिवासी दिवस पर पोखराहा में कई कार्यक्रम प्रस्तावित है। अद्दि कुड़ूख सरना समाज के जिला संयोजक श्यामलाल उरांव ने बताया कि समाज के उत्थान के लिए गांव-गांव में कमेटियों का गठन कर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है ताकि अंधविश्वास, नशाखोरी, बाल विवाह जैसी ...
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