हल्द्वानी, फरवरी 7 -- हल्द्वानी, वरिष्ठ संवाददाता नैनीताल जिले के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की राह में कम और बिखरी हुई आबादी बड़ा रोड़ा बन गई है। सरकार के मानकों के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) खोलने के लिए कम से कम 80 हजार की आबादी जरूरी है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में गांव दूर-दूर बसे होने और आबादी छोटे-छोटे समूहों में फैली होने से यह मानक पूरा करना व्यावहारिक रूप से असंभव हो रहा है। इस कारण ज्यादातर पर्वतीय क्षेत्रों में केवल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ही संचालित हो पा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि पीएचसी में ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही उपलब्ध रहती है, जिसके बाद आपात स्थिति में मरीजों को या तो इंतजार करना पड़ता है या कई किलोमीटर दूर मैदानी क्षेत्रों क...