एटा, सितम्बर 1 -- पर्यूषण महापर्व के पांचवें दिन शहर में जैन धर्म के अनुयायियों ने उत्तम सत्य धर्म का पालन करते हुए जिनालयों में सभी तीर्थंकर भगवान की विशेष पूजा-उपासना की। यह दिन जैन धर्म के दस महत्वपूर्ण गुणों में से एक, सत्य को समर्पित रहा। सोमवार को पुरानी बस्ती स्थित श्रीपद्मावती पुरवाल पंचायत बड़े जैन मंदिर समेत शहर के सभी जिनालयों और चैत्यालयों में श्रावक, श्राविकाओं ने दिन की शुरुआत जिनेंद्र भगवान की शांतिधारा अभिषेक से की। भगवान से विश्व शांति और स्वयं के जीवन में शांति लाने की कामना की। इसके बाद शास्त्र वाचन सभा का आयोजन हुआ। जिसमें मथुरा से आए जैन संत ने जैन धर्म के सिद्धांतों और उत्तम सत्य धर्म के सार को विस्तार से समझाया गया। उन्होंने बताया कि जैन धर्म में सत्य का अर्थ केवल झूठ न बोलना नहीं है, बल्कि यह मन, वचन और कर्म की पवि...
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