बदायूं, सितम्बर 17 -- प्राचीन पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में मंगलवार को पर्युषण पर्व के समापन पर एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। अभिषेक जैन द्वारा भगवान जिनेंद्र का मंगल जलाभिषेक व शांति धारा के साथ किया गया। 24 तीर्थंकरों के अर्घ्य समर्पित किए गए। समिति के मंडल अध्यक्ष पीके जैन ने बताया कि शरीर से दुर्बल व्यक्ति सुखी रह सकता है, लेकिन स्वभाव से दुर्बल व्यक्ति कभी सुखी नहीं रह सकता। बाहर से व्यक्ति अच्छा दिखे तो यह जरूरी नहीं कि वह अंदर से भी अच्छा हो, ध्येय तो सभी का अच्छा बनने का ही होता है लेकिन वह अपने अंदर के दोष, दुर्बलता, दुर्गुण तथा दुष्ट प्रवत्तियों को छोड़ नहीं पाते। इस मौके पर जैन समाज के अधिकांश लोग मौजूद रहे।
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