नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- सुप्रीम कोर्ट ने 16 मई के अपने उस ऐतिहासिक फैसले की समीक्षा और संशोधन को लेकर दाखिल कम से कम 40 याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई शुरू की, जिसमें पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाली परियोजनाओं को पूर्व प्रभाव से मंजूरी देने के केंद्र सरकार के फैसले को निरस्त कर दिया गया था। मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां, न्यायमूर्ति के. विनोद चंद्रन की पीठ ने मंगलवार को निजी रियल एस्टेट डेवलपर्स की शीर्ष संस्था 'कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन (क्रेडाई) और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम 'सेल सहित विभिन्न याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनीं। क्रेडाई की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने कहा कि मई के फैसले में यह धारणा बनाई गई कि यदि किसी परियोजना को पहले से पर्यावरण मंजूरी नहीं मिली है, तो उसे ध्वस्त करन...
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