मुजफ्फरपुर, जून 9 -- मुजफ्फरपुर, वरीय संवाददाता। अगले साल होने वाले संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन कार्य को रोकने की साजिश रची जा रही है। इसके लिए दक्षिण भारत के राज्य बड़े पैमाने पर षडयंत्र कर रहे हैं। परिसीमन नहीं होने का नुकसान उत्तर भारत के राज्यों को उठाना पड़ रहा है। रविवार को शहर के मुजफ्फरपुर क्लब मैदान में संवैधानिक अधिकार, परिसीमन सुधार पर हुई प्रमंडल स्तरीय महारैली में ये बातें राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने कही। इसमें उत्तर बिहार के 13 जिलों के जिलाध्यक्ष, अन्य पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि परिसीमन का आधार जनसंख्या होता है। लेकिन, पिछले 50 वर्षों में किसी न किसी बहाने दो बार परिसीमन पर रोक लगाई गई। इससे संसद में उत्तर भारत के राज्यों ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.