गौरीगंज, फरवरी 12 -- अमेठी। जनपद में परिवार नियोजन के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक दिखाई दे रही है। स्वास्थ्य विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार जहां महज 18 पुरुषों ने नसबंदी कराई, वहीं 2625 महिलाओं ने स्थायी नसबंदी अपनाई। यह अंतर दर्शाता है कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी अब भी मुख्य रूप से महिलाओं पर अधिक है। सरकार की ओर से पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए 2500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है, जबकि महिला नसबंदी पर 600 की प्रोत्साहन राशि निर्धारित है। इसके बावजूद पुरुषों की भागीदारी बेहद कम है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि जागरूकता की कमी और सामाजिक भ्रांतियों के कारण पुरुष आगे नहीं आ पा रहे हैं। अस्थायी गर्भनिरोधक साधनों में भी महिलाओं की संख्या अधिक है। 13 हजार से अधिक महिलाओं ने कॉपर-टी लगवाई है, ...
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